दस के दम से भ्रष्टाचार बेदम!
― भ्रष्टाचार। बड़ा मर्ज। इस रोग का चहुंमुखी व्यापक दुष्प्रभाव। जनता इस मर्ज को अपनी नियति मान बैठी थी। भला हो जननायक अन्ना हजारे का, जिनके आंदोलन ने जनता को जागरूक किया। अब जनता जाग चुकी तो जनार्दन को भी जागना पड़ रहा है। ∙ जवाब: सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी और पारदर्शिता लाने वाले कई कदमों पर [...] .



