फुर्सत में यू ही
― आह !!! ∙ दिन भर फेसबुक पर बर्बाद करने के बाद , पूरा दिन एक नई कविता की रचना के baare में सोचते सोचते , थोडा सा टीवी देखने के बाद जब खुद से बोर हो गया हूँ तो लिखने बैठा हूँ!! ∙ हमेशा की तरह आज भी नहीं पता की क्या लिखूंगा बस एक कोशिश है खुद को खुद के सामने रखने कीयू तो मैं सुबह से सोचकर बैठा था की आज एक गीत जरुर लिखूंगा पर जब कुछ सोचकर करने बैठो तो कुछ भी नहीं होता है !!! ∙ आज जब कुछ दोस्तों की कविताये पढ़ी तो अपने जीवन के भी कुछ क्षण याद आये की जब कोई मुझे पड़ता है तो [...].




