Connect with Peer Bloggers

Get your Bloggers ID and network with best bloggers around the world.

13

ग़म ए दिल की पुर्सिश को !

Diwan-e-Saif ― दर्द बढ़ के रक्खे जो हाथ सर पर तो,अश्क़ आ जाते हैं ग़म ए दिल की पुर्सिश को. (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
6

इक़रार ए मोहब्बत कर लोगे !

Diwan-e-Saif ― मेरी ख़ामोश मोहब्बत का शोर इस क़दर होगा ,कान बंद कर के इकरार ए मोहब्बत कर लोगे ! (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
11

शाएद हम भी हों कभी उन शायेरों की तरह !

Diwan-e-Saif ― शायेद हम भी हों कभी उन शायेरों की तरह ,जो पहोचे तो बुलंदी पे जब ज़मी पे न रहे.वो जो ताक़त वर थे करते... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
7

जो पड़ा मुझपे वो निभाया गया !

Diwan-e-Saif ― सोचना वो सब मेरा ज़ाया गया ,जो पड़ा मुझ पर वो निभाया गया,मोड़ था वो शाजरोगुलोसब्ज़ बर ,मुझेसे भी आ... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
3

दिल यूँ लगता है जल गए जैसे !

Diwan-e-Saif ― खूबसूरत थे दिन ढल गए कैसे,हम तो बदले तुम भी बदल गए कैसे.दिल की धड़कन अभी भी बाक़ी है,दिल यूँ लगता ह... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
5

उनसे कोई बात न हुई !

Diwan-e-Saif ― अरसा हुआ है उनसे मुलाक़ात न हुई !ऐसी हुई क्या बात के कोई बात न हुई !नाराज़ वो होते थे मेरी बात पर अक्... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
4

मेरे साथ चलना तू छोड़ दे !!

Diwan-e-Saif ― मेरे हमसफ़र मेरी बात सुन , मेरे साथ चलना तू छोड़ दे !!मेरी राह है ये बहोत कठिन , मेरे साथ चलना तू छोड़ द... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
4

मेरा बचपन

Diwan-e-Saif ― आँखों में बचपन मेरा ऐसे है,जैसे बस कल गुज़रा!कंधे पे बस्ता , हाथो में डंडी ,स्कूल का वो रस्ता कबका च... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
5

मेरा आखरी ख़त !

Diwan-e-Saif ― भूले नहीं जाते हैं मुझसे दिन वो पुराने,जन्नत से थे रौशन वो ख्वाबो से सुहाने ! हैं जज़्ब वो दिन अ... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
6

आती है तेरे दिल की आवाज़ !

Diwan-e-Saif ― कितने नज़दीक से आती है तेरे दिल की आवाज़,मेरा सर तेरे सीने पे है? या तेरा दिल मेरे पास है? (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
5

सैफ़ आख़िर तू किस काम का था !

Diwan-e-Saif ― जो भी था वो तेरे नाम का था ,तू ना था तो मैं भी नाम का था !हो चुका था गुम तन्हा अंधेरो में,हाँ वो वक़्... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
3

यूँ नफ़रत से तो न देख !

Diwan-e-Saif ― मेरे महबूब मेरी हस्ती को यूँ नफ़रत से तो न देख,हमने मोहब्बत भरे ख्वाबों को सजाया था कभी.हम जुदा ह... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
6

ख़्वाब में आना तेरा !

Diwan-e-Saif ― सुबह हुई फिर तुम्हारा ख्याल आने लगा !रात भर काफी नहीं था ख़्वाब में आना तेरा ? ज़िद ये कैसी है तेरी, ... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
3

दिल पत्थर का हो गया !

Diwan-e-Saif ― दिल पे पत्थर रख के कोई काम जो किया,इलज़ाम ये मिला के दिल पत्थर का हो गया.पथरीली रहगुज़र थी , पत्थर क... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011
4

गर मुझको प्यार है !

Diwan-e-Saif ― सौ मुश्किलें, सौ रंजिशे, गर मुझको प्यार है.हर एक को शिकायत है, गर मुझको प्यार है.ये क्या है , ऐसा क्... (more)
 SaifZahid ― Posted on Aug 18th, 2011