Rajneesh Jha
बचपन से दो ही चीजों का जूनून था, एक क्रिकेट और दूसरा पत्रकारिता, छात्र जीवन में जहाँ विश्वविद्यालय स्तर तक क्रिकेट खेला वहीँ 1995 से 2000 तक पत्रकारिता भी जम कर की. दोनों की हकीकत बाद में समझ में आयी. आज कम्पूटर पर गिटिर पिटिर करने वाला सोफ्टवेअर अभियंता हूँ मगर हिंदी प्रेम है कि लिखना पढना जारी है. धन्यवाद गूगल जिसने एक माध्यम दिया जहाँ पत्रकारिता की तरह ना ही बंदिश है और ना ही दलाली. अपने मन की लिखता हूँ जिसे मैं करीब से जानता हूँ. सामाजिक उत्तर दायित्व का बोध होता है तो कुछ पंक्तियाँ ह्रदय की सच्चाई से उकेरता हूँ.





Rajneesh Jha ∙ 16 weeks ago
jiii sahi kaha